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किसान भाई सरसों की बोनी का कार्य इस सप्ताह पूरा करें - मौसम आधारित कृषि परामर्ष (विशेष लेख) बुबाई हेतु बीज 5 किग्रा/हेक्टेयर की दर से एवं 80:40:20:20 की दर से एन.पी.के. $ सल्फर उर्वरक प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करें, बोनी पूर्व बीज को कीट्नाशक एवम फफूंदीनाशक से उपचार अवश्य करें

टीकमगढ़ | 


आनेवाले 5 दिनों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क तथा आसमान मुख्यतरू साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 33-34 डि.से. के आस-पास तथा रात का न्यूनतम तापमान 15 डि.से. के आस-पास रहने की संभावना है। हवा की औसत गति 05 से 08 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना हैं। सिंचाई क्षेत्रों में किसान भाई रवी फसलों जैसे- गेहूं,जौ आदि की बुवाई का कार्य, पलेवा देकर उपर्युक्त नमी होने पर कतारों में करें। यदि सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो तो किसान भाई पलेवा करके रवी फसलों चना, मटर, मसूर, अलसी तथा सरसों आदि की बोवाई कतारों में करें तथा उन्नतशील किस्मो का चयन करें जैसे- चने की उन्नत किस्में- जे.जी.11, जे.जी.315, जे.जी-6, जे.जी-12, जे.जी-14, एवं मटर की उन्नत किस्में- पूसा प्रगति, जवाहर मटर 1, जवाहर मटर 2 तथा मसूर की जवाहर मसूर 1, जवाहर मसूर 2 और सरसों की उन्नत किस्में- आर.वी.एम-2, जे.एम-3, पूसा बोल्ड आदि। बुवाई से पूर्व बीज को थायरम दवा की 2 ग्राम एवं 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम के मिश्रण से प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार अवश्य करें। किसान भाई इस सप्ताह के दौरान वर्षा आधारित तथा हवेली क्षेत्रों में गेहूँ की क्षेत्रीय तथा शीघ्र पकने वाली उन्नत किस्मों- सी-306, अम्रता, जे.डब्ल्यू.-3211, एच.आई-3173, एच.डब्ल्यू-2004, सुजाता बोनी करें तथा बुवाई से पूर्व बीज को कवकनाशी बैविस्टिन 1.5 ग्राम एवं थायरम /1.0  ग्राम/किलो. बीज की दर से मिलाकर उपचार करें। आनेवाले 5 दिनों के दौरान मौसम शुष्क रहने की संभावना को देखते हुए, किसान भाई, फल एवं सब्जी फसलों में हल्की सिंचाई करें तथा निराई-गुडाई का कार्य भी करें। बैंगन मे फल छेदक कीट का प्रकोप देखा जा रहा है, इसके नियत्रण हेतु क्विनालफॉस 25 ई.सी. दवा की 2.0 मिली. मात्रा प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।आनेवाले 5 दिनों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क तथा आसमान मुख्यतरू साफ रहने की संभावना को देखते हुए, किसान भाई धनियां तथा लहसुन की बुबाई का कार्य करें तथा पतवार अवश्य बिछायें जिससे कि जमाव शीघ्र हो।फल बागों में पौधों के थालों की निंदाई-गुड़ाई अवश्य करें तथा तने पर बोर्डोपेस्ट लगायें। किसान भाई गाय, भैंस, बकरी तथा भैड़ आदि को खुरपका मुंहपका रोग से बचाव हेतु टीकाकरण अवश्य करायें।



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