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खेती को लाभ का धंध बनाने के लिये कृषकों को निर्देशक द्वारा दिये आवश्यक सुझाव

मुरैना | 21-नवम्बर-2020
 



 

    विभागीय योजनाओं की मॉनीटरिंग हेतु निदेशक पल्स विकास डॉ. एके तिवारी निर्देशालय भोपाल द्वारा जिले के उप संचालक कृषि श्री पीसी पटेल मय विभागीय अमला के साथ गत दिवस जिले के ग्रामों में फसलों का विजिट किया। कृषकों से खेती किसानी की चर्चा करते हुये खेती को लाभ एवं धंधा बनाने एवं उन्नत खेती करने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन दिया।
    विकासखण्ड मुरैना के ग्राम ऐंती, इन्दुरखी, खिरावली, जयनगर, सिहोरा, नूरावाद विकासखण्ड जौरा के ग्राम चैना में फिल्ड विजिट किया। ग्राम ऐंती कृषक श्री बासुदेव गुर्जर सरपंच, ग्राम इन्दुरखी के कृषक श्री राकेश शर्मा सरपंच से खेती किसानी की चर्चा की गई। ग्राम इन्दुरखी के कृषक श्री राकेश शर्मा, ग्राम खिरावली कृषक श्री बेताल सिंह गुर्जर, सरदार सिंह गुर्जर, रूस्तम सिंह गुर्जर, ग्राम जयनगर कृषक दशरथ सिंह गुर्जर, ग्राम सिहोरा नूरावाद कृषक श्री करतार सिंह एवं सुघर सिंह विकासखण्ड जौरा के ग्राम चैना में कृषक जण्डेल, रोहित, गोपीलाल, रजक, मुकेश खटीक आदि कृषकों से फिल्ड विजिट के दौरान खेती किसानी की चर्चा करते हुये सरसों मिनीकिट प्रदर्शनों का निरीक्षण, सरसों फसल का निरीक्षण, आलू की फसल का निरीक्षण किया।
    फिल्ड विजिट के दौरान कृषकों को बताया कि खेती किसानी के साथ-साथ कृषक स्व सहायता समूह का निर्माण कर अपनी काली सरसों एवं पीली सरसों के तेल कच्ची धानी की ब्राण्डिंग कर बिक्री कर सकते है। जिससे कृषक समूह के लोग अधिक आय अर्जित कर सकते है। साथ ही तेल उपभोक्ताओं को एक शुद्ध सरसों का तेल प्राप्त होगा। समूह की क्षमता अनुसार बड़ा या छोटा कारोबार कर सकते है। सरसों में माहू को नियंत्रण करने हेतु कीटनाशक दवा का कम से कम उपयोग करें, क्योंकि कीटनाशक दवा से मधुमक्खियों को अत्यधिक नुकसान होता है। मधुमक्खियों परपरागण में सहायक होकर उपज बढ़ती है।



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