कलेक्टर कार्यालय एवं जिला न्यायालय/कार्यालय सागर के परिसर के आसपास विभिन्न राजनैतिक दलों, स्थानीय संगठनों तथा नगर के वार्डों से जुलूस निकालकर हड़ताल, धरना व सामूहिक रूप से ज्ञापन देना एवं अपनी मांगों के समर्थन में जनसमूह का जमाव रहने के कारण न्यायालयों एवं कार्यालय परिसर से 100 मीटर तक क्षेत्राधिकार में शांति एवं कानून व्यवस्था के आशय से अग्नि एवं प्राणघातक हथियारों को लेकर चलने, किसी भी वर्ग द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करने, जुलूस निकालना सामूहिक रूप से ज्ञापन प्रस्तुत करना, टेन्ट सामयाना लगाना, व्यक्ति समूह एवं आम सभाओं पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती प्रीति मैथिल नायक ने उक्त के रोकथाम हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के 100 मीटर क्षेत्र तक निम्नानुसार प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
कलेक्टर कार्यालय के परिसर क्षेत्र में हड़ताल, धरना, जुलूस निकालना एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा।
- कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी तथा डियूटी पर उपस्थित लोक सेवक के अतिरिक्ति, कोई अन्य व्यक्ति बंदूक, विस्फोटक सामग्री, किसी प्रकार का आग्नेय शस्त्र तथा प्राणघातक तथा धारदार हथियार लेकर सार्वजनिक स्थान पर नहीं घूमेगा एवं आग्नेय शस्त्र का उपयोग प्रतिबंधात्मक रहेगा।
- अपाहिज तथा वृद्ध के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर लाठी/डन्डे लेकर नही घूमेगा।
- न्यायालय/कार्यालय क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह कोई ऐसे कार्य नही करेगा अथवा भाषण आदि नही देगा जिससे विभिन्न जातियों तथा धार्मिक भावनाओं/कार्यों या भाषाओं समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों में वृद्वि हो या घृणा की भावना उत्पन्न हो या तनाव पैदा हो।
- प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विलेख प्रदर्षन, जुलूस धरना, हडताल तथा किसी भी धरना प्रदर्शन आदि के प्रयोजन के लिए टेन्ट शामियाना तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग के लिये नगर दण्डाधिकारी सागर की अनुमति आवश्यक होगी।
- प्रतिबंधित क्षेत्र में 05 से अधिक व्यक्ति बिना पूर्व अनुमति के निशिद्ध होंगे। विशेष परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति प्राप्त कर शिथिलता प्राप्त की जा सकेगी।
- चूँकि शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु संबंधितों को आदेश पारित किये जाने के पूर्व सुनवाई का अवसर दिया जाना संभव नही है। अतः यह आदेश एक पक्षीय पारित किया जाता है। यह आदेश 29 नवम्बर 2019 से 28 जनवरी 2020 तक की अवधि के लिये प्रभावशील रहेगा।
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