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शिशु मृत्यु नियंत्रण हेतु समीक्षा बैठक सम्पन्न खतरे वाले शिशुओ के लक्षण को प्रदर्षित करने वाले फ्लैक्स हर डिलेवरी सेंटरों में लगाएं जाए- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता ऐसे बच्चों की शीघ्र पहचान कर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्रों में भिजवाएं- डॉ. राजेश पाण्डेय

शहडोल | 30-नवम्बर-2020
 



 

    आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय  में संभागायुक्त शहडोल श्री नरेश पाल एवं कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह के निर्देशन पर  शिशु मृत्यु नियंत्रण हेतु समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।  आयोजित बैठक में शिशु रोग विशेषज्ञो से चर्चा कर उन बिन्दुओं को जाना गया जिनके कारण  शिशु असमय काल के गाल में समा जाते है। बैठक में निर्णय लिया गया कि, शिशुओ के खतरे वाले लक्षणों को प्रदर्षित करने वाले फ्लैक्स हर डिलेवरी प्वांइट का लगाया जाए जिससे सभी को शिशुओ में होने वाले बीमारियो एवं खतरो की जानकारी मिल सके और समय रहते  तत्काल उन्हें चिकित्सकीय सुविधाएं प्रदान की जा सकें। मेडिकल कॉलेज शहडोल सहायक प्राध्यापक  डॉ. निशांत प्रभाकर एवं डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि, शिशुओ में खतरे वाले निशान जिसमें बच्चा दुध न पिये, लगातार उल्टी करना, बच्चा सुस्त हो जाना, सांस लेने में घर्र-घर्र की आवाज आना, ज्यादा रोना, झटके आना एवं शिशु का नीला एवं पीला पड़ जाना प्रमुख है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि, अपने क्षेत्रांतर्गत खतरे वाले बच्चों को शीघ्र चिन्हित कर उन्हें निकटतम स्वास्थ्य केन्द्रों में रेफर करे। उन्होने कहा कि, इसके साथ-साथ ही शीघ्र परिवहन उपलब्ध होना भी आवश्यक है और बच्चा  जब स्वास्थ्य केन्द्र पहंुच तो उसके उपचार में विलंब न किया जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने शिशु रोग विशेषज्ञों से चर्चा के उपरांत शिशु के उपचार में आवश्यक संसाधन व चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश सिविल सर्जन जिला अस्पताल डॉ. व्हीएस बारिया को देते हुए कहा कि, उनके द्वारा साप्ताहिक समीक्षा भी की जाएं।
       शिशुओ के मृत्यु नियंत्रण हेतु आवश्यक सभी प्रोटोकॉल का पालन सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सभी सेक्टर डॉक्टर्स करे और अपने क्षेत्रांतर्गत समय-समय पर आवश्यक रूप से भ्रमण करें तथा शिशु मृत्यु जिस घर में हुई है उसका भी सोशल  वैरीफिकेशन कर उन  कारणों को दूर करने का प्रयास करे जिनके कारण शिशु  को स्वास्थ्य संस्थाओं में भेजने एवं उपचार मे विलंब होता है।  
   बैठक में सिविल सर्जन डॉ. व्हीएस बारिया, डीएचओ वन डॉ. केएल अहिरवार, मेडिकल कॉलेज शहडोल के डॉ.आकाश रंजन सिंह, डीपीएम श्री मनोज द्विवेदी, डीपीएचएन सुश्री वंदना डोगरें, टीकाकरण अधिकारी डॉ. अंषुमन सोनारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थें।
 



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