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केसला के ग्राम नयासांकई में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

होशंगाबाद | 03-नवम्बर-2020
 



   विकासखण्ड केसला के विस्थापित ग्राम नयासांकई में विगत दिवस प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि राजेश यादव द्वारा कृषकों को विभागीय योजनाओं के माध्यम से अनुदान पर वितरण होने वाले सिंचाई उपकरणों जैसे Ïस्प्रकलर सेट, पाईप लाईन, डीजल / विद्युत पम्प तथा ड्रिप सिस्टम के माध्यम से फसलों की सिंचाई में उपयोगिता के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होने कृषको को बीजोत्पादन कार्यक्रम पर प्रोत्साहन करने वाली विभागीय योजनाओं यथा बीज ग्राम के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
   कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि श्री उपेन्द्र शुक्ला द्वारा रबी फसलों में सिंचाई की कांतिक अवस्थाओं तथा फसलों की जलमांग से किसानों को अवगत कराया। उन्होने रबी फसलों हेतु अनुशंसित बीज किस्में, संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग व समन्वित पीढक प्रबंधन की विभिन्न विधियों जैसे चने में लाईट्रेप, फेरोमेन ट्रेप, टी आकार की खुटिया लगाना, चने की 6 कतारों के बाद 2 कतार सरसों की लगाना आदि के बारे में किसानों को बताया गया।
   कार्यक्रम में कृषकों द्वारा चनें की फसल में उख्टा नामक बीमारी के प्रबंधन के बारे में पूछा गया। श्री शुक्ला ने बताया कि उख्टा नामक बीमारी बीजजनित रोग है, जिसके प्रभावी नियंत्रण हेतु किसान भाई 2.5 ग्राम कार्बेंडाजिम प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज उपचार कर बुवाई कर सकते है। इसके अलावा कृषक इस रोग के नियंत्रण हेतु 2.5 किलोग्राम ट्रायकोडरमा बिरीडी से भी भूमि उपचार कर उख्टा रोग को नियंत्रित कर सकते है। गेहूं की फसल में दीमक की समस्या दिखाई पड़ने पर क्लोरोपायरीफॉस टी.सी. का उपयोग कर दीमक से फसलों को सुरक्षित रख सकते है।
   सहायक संचालक कृषि श्री अशोक जायसवाल द्वारा कृषकों को जैविक खेती के विभिन्न तरीकों जैसे वर्मीकम्पोस्ट निर्माण, नाडेब खाद निर्माण, मटका खाद, भभूत, अमृत संजीवनी आदि निर्माण के तरीके बताए गए। जैविक खेती के महत्वपूर्ण घटक जैसे राईजोबियम कल्चर, फासफोरस विलयकारी जीवाणु आदि का फसलों में उपयोग व महत्व के बारे में भी कृषकों को विस्तार से बताया गया है। श्री जायसवाल ने कृषको को जैविक खेती के प्रोत्साहन हेतु म.प्र. राज्य जैविक प्रमाणिकरण संस्था में पंजीयन की प्रक्रिया तथा पंजीयन उपरांत होने वाले फायदों के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में कृषकों को बीजग्राम योजनांतर्गत बीजोत्पादन को बढावा देने हेतु प्रमाणित बीजों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड केसला श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री मुकुल दुबे, श्री राजेन्द्र ठाकुर, श्री दिनेश पटेल, श्री गणेश चौरसिया, श्री आरएस राठौर, श्री एएस कास्दे, श्री आरबी चौधरी आदि उपस्थित रहें।



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