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| सतना | 03-दिसम्बर-2019 |
प्रसिद्ध संगीत मनीषी उस्ताद अलाउददीन खाँ साहब ने 100 वर्ष पूर्व सन् 1918 में मैहर रियासत के तत्कालीन राजा बृजनाथ सिंह जूदेव की प्रेरणा से मैहर वाद्यवृन्द की स्थापना की थी। 100 वर्ष बाद भी मैहर बैंण्ड का बर्चस्व और आकर्षण यथावत है और इस एक सदी के अन्तराल में भारतीय शास्त्रीय संगीत की परम्परा को बरकरार रखने में इस वाद्यवृन्द ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। म.प्र. शासन मैहर वाद्यवृन्द को महान संगीतज्ञ बाबा उस्ताद अलाउददीन खॉ द्वारा स्थापित परंपरा के निरंतर संरक्षण, सम्वर्धन एवं उसके अस्तित्व की रक्षा के लिए किये जाने वाले विशिष्ट अवदान के तहत दुर्लभ वाद्य-वादन हेतु वर्ष 2016 के लिये मैहर वाद्यवृन्द को 18 नवम्बर 2019 को संस्कृति मंत्री विजय लक्ष्मी साधो द्वारा भारत भवन भोपाल में आयोजित अलंकरण समारोह में शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया है। स्थानीय प्रशासन मैहर द्वारा इस गरिमामय शिखर सम्मान अलंकरण से अलंकृत होने पर मैहर वाद्यवृन्द को ढेर सारी शुभकामनायें तथा बधाई देते हुए कामना की गई है कि मैहर वाद्यवृन्द इसी प्रकार से संगीत की सांगीतिक परम्परा को कायम रखते हुए देश व दुनिया में अपनी स्वर लहेरिया बिखेरता रहें। |
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